Saturday, 5 August 2017

चौराहे पर हिजड़े को पटाया

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आजकल आपने हर शहर के ज्यादातर ट्रैफिक सिग्नल पर हिजड़े आपको मांगते हुए मिल जायेंगे और दिल्ली में तो काफी हद तक. उस दिन बारिश हो रही थी और शाम ढलने लगी थी. मै ऑफिस से घर निकल गया था और फ़ोन पर ही खाने का आर्डर दे दिया था. वैसे तो ये अकेलापन मेरे लिए नया नहीं था; लेकिन उस दिन बारिश ने मन में कुछ अजीब सी बैचेनी पैदा कर दी थी. आज का ऑफिस में दिन भी कुछ खास अच्छा नहीं निकला था. क्लाइंट से काफी झाड़ खाने के बाद पूरा मूड ही ख़राब हो गया था. इन्ही सब बातो में खोये हुए, मुझे जब होश आया जब रेड लाइट ग्रीन लाइट में बदल गयी और पीछे खड़ी हुई कार हॉर्न पर हॉर्न मारे जा रही थी. जब तक मैने कार चालू की, फिर से रेड लाइट हो चुकी थी. इतने में एक प्यारी से लड़की मेरे पास आई और बोली, क्या रे चिकने! कहाँ खो गया? उसके मुँह खोलने पर पता चला, कि वो कोई लड़की नहीं; लेकिन एक हिजड़ा है. मुझे उसकी तरफ घूरते देखकर उसने मुझे आँख मारी और बोला, क्या रे चिकने मागता है क्या? मैने बिना कुछ सोचे समझे हाँ में गर्दन हिला दी और वो घूमकर मेरे कार मे आकर बैठ गया. उसने पूछा, किधर चलना है? तेरे घर, मेरे घर या कोई होटल? मैने कहाँ होटल और उसने मुझे रास्ता समझाना शुरू कर दिया. वो मुझसे एक पतली सी गलियो में घुमाता हुआ, एक सस्ते से होटल में ले गया और सीधे ही मुझे रूम में ले गया.
सस्ता और गन्दा सा कमरा था, लेकिन मेरे सिर पर हवस और वासना चढ़ चुकी थी, तो मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था. उसका नाम नीलिमा था, लेकिन उसने मुझे नीली बोलने को बोल. नीली मेरे पास आई और मुझे बिस्तर पर बैठा दिया. दरवाजे पर खट-खट हुई तो मुझे डर लगा. उसने मुझे आश्वस्त किया और दरवाजे पर आये वेटर से दारू की बोतल ले ली. उसने फटाफट दो गिलास दारु पी और मुझे भी पूछा. मैने मना कर दिया, तो उसने २ और गिलास पी लिए और मेरे पास आकर मेरी गोदी में बैठ गयी. नीली ने मेरी शर्ट के बटन को खोला और मेरी छाती को चूमने लगी. उसका चेहरा और होठ लड़की की तरह कोमल तो नहीं थे, लेकिन उसके शरीर की कामुक महक मुझे गरम कर रही थी. उसने मेरे कपडे उतारने शुरू कर दिए और मुझे नंगा कर दिया. मै उसके नंगे बदन को देखने को बेताब था. मैने उसको बोला, नीली अपने कपडे भी तो उतारो; नीली मुस्कुराने लगी और अपने कपडे खोल दिए. अब वो ब्रा-पेंटी में थी. मै उसके बड़े चुचे ब्रा से बाहर आते हुए देख सकता था और नीचे पेंटी में नुकीला लंड भी. मुझे नहीं पता था, कि उसके साथ क्या करना है? लेकिन, सब नीली पर छोड़ दिया था. नीली समझ गयी थी, कि मुझे समझ नहीं आ रहा, तो वो खिलखिलाकर हँस पड़ी और एक ही बार में अपनी ब्रा और पेंटी उतार दी और अपनी गांड मेरी और करके मेरे हाथ को लेकर उसकी एक ऊँगली अपनी गांड के छेद में डालने लगी और बोले, साले इसे चोदना है.
उसकी इस हरकत से मेरे चेहरे पर हलकी ही हंसी आ गयी और मैने उसको अपनी गोदी में उठा लिया. मैने नीली के होठो को अपने होठो में दबा लिया और उसको मस्ती में चूसने लगा. नीली के मुँह से सिस्त्कार निकल गयी और वो सीसीसीसीस करते हुए बोली, हरामी धीरे से. मैने उसको सॉरी बोला और उसको बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर आ कर मस्ती में उसके चूमने लगा. उसका चेहरा, उसकी गर्दन और उसके कंधो को मेरी जीभ मसल रही थी. मेरे हाथ उसके बड़े गोल चुचो पर थे और मस्ती में दबा रहे थे. उसके पास लंड था, लेकिन काफी छोटा था. मेरा बड़ा और खड़ा हुआ लंड, उसके लंड से टकरा रहा था. झूठ नहीं बोलूंगा, कि लंड से लंड टकराने में मुझे भी मज़ा रहा था. मैने अब उसके गरम बदन को चाटना छोड़कर उसके चुचो पर हमला बोल दिया और मस्ती में उसके चुचो को चूसने लगा और उसके टिट्स को अपने दांतो के बीच मसल रहा था. नीली को भी मस्ती छा चुकी थी और वो भी मस्ती में अहअहहा, ऊऊऊ, धीरे कमीने, मै कहीं भागी थोड़ी जा रही हो..ओओओओ कर रही थी. मुझे उसकी ये कामुक बातें और भी ज्यादा गरम कर रही थी. चुचे चूसते हुए, मैने उसके छोटे लंड को पकड़ लिया और उसको मस्ती में खीचने लगा और दबाने लगा, नीली के मुँह से चीख निकल गयी और उसने मुझे एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया.
उसके थप्पड़ मारते ही, मै हँसने लगा और उसको जोर से काट दिया. वो भी मुस्कुरा उठी और अब बिस्तर पर उलटी लेट गयी और उसकी मस्ती गोल गांड मेरे सामने थी. मैने अपने दोनों हाथो से उसकी गांड को खोला और अपने लंड को उसकी गांड के छेद पर रगड़ने लगा. काफी टाइट था और मुझे नहीं लग रहा था, कि मै अपने लंड को उसके छेद में डाल पाउँगा. नीली उठी और उसने मेरे लंड पर थूका और पूरा रगड़ा दिया और मुझे भी अपनी गांड पर थूककर रगड़ने को बोला. थोड़ा सा गन्दा था, लेकिन मुझे मज़ा आ रहा था. मैने उसकी गांड के छेद पर थूका और उसको पूरा चिकना कर दिया और फिर एक बार अपना लंड उसके छेद पर लगाकर धक्का मार दिया. इस बार, एक ही शॉट में, मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी गांड में था. नीली के मुँह से कामुक और दर्द भरी सिसकिया निकलने लगी थी आआआ, ऑप्स ऑप्स ऑप्स ऊऊओ ……मर गयी. मेरे हर धक्के के साथ उसके मुँह से गरम साँस बाहर निकल रही थी. मैने उसके लंड को पकड़कर उसका मुठ मारना शुरू कर दिया. बहुत ही गरम पल था. मै उसकी गांड में अपने लंड को पूरा घुसाने के लिए धक्का मार रहा था और वो अपनी गांड को पीछे धक्का दे रही थी. कुछ ही देर, नीली के लंड ने अपना माल मेरे हाथ में छोड़ दिया और मैने अपना माल नीली की गांड में. बहुत मस्त था. मै बिस्तर पर गिर गया. नीली ने मुझे अपना फ़ोन नंबर दिया और पैसे लेकर चली गयी. मै कुछ देर बाद कपडे पहनकर घर चले गया. अब मुझे जब भी नीली से मिलना होता है, तो मै उसे फ़ोन करके बुला लेता हु और उसकी मस्त गांड मारता हु. क्या अपने किसी हिजड़े के छेदो को चोदा है क्या?


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