हेल्लो दोस्तों मेरा नाम उमेश है और मै दिल्ली से हूँ और २१ साल का हूँ,
मै दिखने में बहुत स्मार्ट हूँ और नॉएडा से पढाई कर रहा हूँ, बात २०११ की
है, हमारे ग्राउंड फ्लोर पर एक कपल रहने के लिए आया था, भैया का नाम नितिन
और था भाभी का नाम शालू था, साला भाभी क्या मस्त माल थी|
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गोरी इतनी की पूछो मत और फिगर ३४-३६-३८, जीन्स में निकल गयी तो लोग उसकी गांड देखकर ही सड़क पर मुठ मार लेंगे ऐसी माल थी वो, मै तो पहली नजर में ही उसका आशिक बन गया था, रात दिन उसको चोदने के सपने देखता था और सोचता रहता था की कैसे शुरुवात करू! लेकिन मौका ही नहीं मिल पा रहा था|
एक दिन मै सीढियों से ऊपर चढ़ रहा था तो भाभी खुद ही रोक कर बोली ‘आपसे एक काम है’, मैंने ख़ुशी में हाँ बोल दिया, उन्होंने कहा मेरे रूम में चलिए बेड सरक्वाना है, मैंने कहा ओके भाभी…एक तरफ से मै धक्का दे रहा था और दूसरी तरफ से वो खीच रही थी, जैसे ही वो सामने की तरफ झुकी उनकी बड़ी बड़ी चूचियां दिखाई देने लगी, उनकी बड़ी बड़ी चुचियों को देखकर मेरा मन दूध पिने का कर रहा था, थोड़ी देर बाद मै वह से चला गया, उस दिन के बाद काफी दिन उनसे बात नहीं हुई|
शालू भाभी के पति ८ बजे घर वापस आते थे, मै भी जान बुझकर उसी टाइम बाइक लेकर निकल पड़ता था, धीरे धीरे मेरे और भैया में बात होने लगी और हम दोनों दोस्त बन गए, मै तो हमेशा भाभी को चोदने के सपने देखता था, कुछ दिन भाभी रोज मेरे घर कपड़े सुखाने के लिए आने लगी, मौका अच्छा था, मै जब भी उनकी चुचियों को देखता वो मुझे अजीब सी नजरो से देखती थी, एक दिन उन्होंने मुझे स्माइल कर दी, मै तो जैसे खुशी से पागल हो गया|
एक दिन जब मेरे घर पर कोई नहीं था तो मैंने मौका पाकर भाभी का हाथ पकड़ लिया, वो कुछ नहीं बोली उसके बाद मै उन्हें अपने कमरे में ले गया और भाभी को पलंग पर लिटा दिया, अब मै उनकी चुचियों को ऊपर से ही दबाने लगा वो मदहोश होने लगी|
इसके बाद मैंने अपना लंड निकला और भाभी के मुहं में पेल दिया, भाभी मेरे लंड को लोलीपॉप की तरह चूसने लगी, करीब १० मिनट तक लंड चटवाने के बाद मै उनके चूत में ही झड़ गया|
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फिर मैंने उसकी लिप्स किस ली और कम से कम 5 मिनट तक उसका लिप्स किस लेता रहा और उसके बूब्स को चूसने लगा। तो वो बोली कि ओाहह बड़ा मज़ा आ रहा है और करो ना, नीचे भी किस करो। अब उसकी चूत गीली हो चुकी थी और उसने पेंटी नहीं पहन रखी थी, तो मेरी उंगली आसानी से उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत में जा रही थी। अब वो बहुत ज़ोर जोर से आवाजे कर रही थी उन्न्ञनह, आआआअहह, उूउऊहह, हहान, आआआवउउऊर, सक करो, आहह और जोर से, अब वो ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रही थी।
अब वो ज़ोर-जोर से हाँफ रही थी और जैसे कोई कई मीलों से दौड़कर आई हो और आहह, एम्म, ओह, आआआआआआअ, डालो ना अंदर जैसी आवाजे निकल रही थी।
अब वो नीचे से अपनी कमर उठा-उठाकर चिल्ला रही थी और बडबड़ा रही थी आहहहहहह और चोदो मेरी चूत को, आज मत छोड़ना, इसे भोसड़ा बना देना और फिर कुछ देर के बाद वो बोली हाए मेरे राजा में झड़ने वाली हूँ। अब में भी झड़ने के करीब पहुँच गया था, क्योंकि हम लोग बिना रुके 15-20 मिनट से चुदाई कर रहे थे। फिर में बोला कि हाँ भाभी में भी झड़ने वाला हूँ और फिर मैंने उसकी गांड पकड़कर अपनी स्पीड बढ़ा दी, तो वो भी कुछ देर के बाद झड़ गई। अब में भी झड़ने के करीब आ गया था और फिर कुछ देर के बाद में भी झड़ गया।
धन्यवाद….
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एक दिन मै सीढियों से ऊपर चढ़ रहा था तो भाभी खुद ही रोक कर बोली ‘आपसे एक काम है’, मैंने ख़ुशी में हाँ बोल दिया, उन्होंने कहा मेरे रूम में चलिए बेड सरक्वाना है, मैंने कहा ओके भाभी…एक तरफ से मै धक्का दे रहा था और दूसरी तरफ से वो खीच रही थी, जैसे ही वो सामने की तरफ झुकी उनकी बड़ी बड़ी चूचियां दिखाई देने लगी, उनकी बड़ी बड़ी चुचियों को देखकर मेरा मन दूध पिने का कर रहा था, थोड़ी देर बाद मै वह से चला गया, उस दिन के बाद काफी दिन उनसे बात नहीं हुई|
शालू भाभी के पति ८ बजे घर वापस आते थे, मै भी जान बुझकर उसी टाइम बाइक लेकर निकल पड़ता था, धीरे धीरे मेरे और भैया में बात होने लगी और हम दोनों दोस्त बन गए, मै तो हमेशा भाभी को चोदने के सपने देखता था, कुछ दिन भाभी रोज मेरे घर कपड़े सुखाने के लिए आने लगी, मौका अच्छा था, मै जब भी उनकी चुचियों को देखता वो मुझे अजीब सी नजरो से देखती थी, एक दिन उन्होंने मुझे स्माइल कर दी, मै तो जैसे खुशी से पागल हो गया|
एक दिन जब मेरे घर पर कोई नहीं था तो मैंने मौका पाकर भाभी का हाथ पकड़ लिया, वो कुछ नहीं बोली उसके बाद मै उन्हें अपने कमरे में ले गया और भाभी को पलंग पर लिटा दिया, अब मै उनकी चुचियों को ऊपर से ही दबाने लगा वो मदहोश होने लगी|
इसके बाद मैंने अपना लंड निकला और भाभी के मुहं में पेल दिया, भाभी मेरे लंड को लोलीपॉप की तरह चूसने लगी, करीब १० मिनट तक लंड चटवाने के बाद मै उनके चूत में ही झड़ गया|
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अब वो ज़ोर-जोर से हाँफ रही थी और जैसे कोई कई मीलों से दौड़कर आई हो और आहह, एम्म, ओह, आआआआआआअ, डालो ना अंदर जैसी आवाजे निकल रही थी।
अब वो नीचे से अपनी कमर उठा-उठाकर चिल्ला रही थी और बडबड़ा रही थी आहहहहहह और चोदो मेरी चूत को, आज मत छोड़ना, इसे भोसड़ा बना देना और फिर कुछ देर के बाद वो बोली हाए मेरे राजा में झड़ने वाली हूँ। अब में भी झड़ने के करीब पहुँच गया था, क्योंकि हम लोग बिना रुके 15-20 मिनट से चुदाई कर रहे थे। फिर में बोला कि हाँ भाभी में भी झड़ने वाला हूँ और फिर मैंने उसकी गांड पकड़कर अपनी स्पीड बढ़ा दी, तो वो भी कुछ देर के बाद झड़ गई। अब में भी झड़ने के करीब आ गया था और फिर कुछ देर के बाद में भी झड़ गया।
धन्यवाद….

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