आज में आपको अपनी सच्ची सेक्स स्टोरी बताने जा रहा हु. में कॉलेज में
पड़ता हु. मैंने रहने के लिए रूम लिया था और नयी नौकरानी रखी थी जिसका नाम
रूपा है
रूपा 22-23 साल की खूबसूरत शादी शुदा लड़की है. उसका रंग गोरा है वो दिखने में पठाका है. में उसको देख कर सोचता रहता था की इसका पति कितना किस्मत वाला है जिसे इतनी मस्त पटाखा लड़की मिली है, इसे तो वो डेली चोदता होगा और इधर मेरी जवानी उसको देखने पर मूठ मर लेती है.
उसका फिगर तो लाजवाब है और उसके बूब्स तो मानो दबाने वाली बॉल हो.वो सारी पेहेंती थी और उसके बूब्स उसके ब्लाउज में इ खिसक कर बाहर आ जाते थे वो अपने पालू से अपनी छाती को ढकती थी और उसके बूब्स उसके ब्लाउज में भी उछलते रहते, और झाड़ू मरते हुए जब वो निचे की और झुकती तो उसके बूब्स के बिच की दरार साफ़ दिखती थी.
एक बार मैंने उसको झाड़ू मरते वक़्त देखा तो मेरी नज़ारे उसके बूब्स पर जा रही गिरी और उसके बूब्स को उछालते हुए देखने लग गयी, तब मैंने देखा की उसने तो आज ब्रा भी नही डाली थी.
मेरा दिमाग उसके बूब्स देख कर ही नहीं बल्कि उसके मोटे गोल गोल चुतड देख कर भी ख़राब हो जाता. जब वो ठुमके मर मर कर चलती तो उसके चुतड हिलते हुए कहते हो की आओ मुझे दबाव,और जब वो सिल्क की सारी लगा कर अपने हाथ को चूत पर रख कर साड़ी को पकडती तो मेरा माँ करता की काश उसके हत्थ की जगह मेरा हाथ हो और मैं उसकी गरम चूत को छु पता.
ये सब देख कर मेरा लंड उसकी गरम चूत को फाड़ने के लिए तदप उठता. रूपा तो मेरी तरफ देखती भी नहीं थी और अपना काम करती थी और कमर लचका के चलती थी, उसको इस बात की खबर नही थी की मेरी नजर उसकी चूत पर है. उसको अपने करीब लेन के लिए उससे बाते करनी शुरू कर दी.
एक दिन मैंने उससे एक कप टिया बनाने को कहा और वो जब अपने कोमल कोमल हाथो से मुझे टिया पकड़ने ई तो मेरा हाथ उसके से लगते ही पागल हो गया और मेरे पुरे बदन में बिजली सी कांप उठी और मेरे लंड तो जैसे बहार आने को हो गया,
मैंने चाय पि तो मेरी जीब पे उसके हाथ की बनी चाय का सवाद चढ़ गया और कहा-तुम बहुत अची चाय बनाती हो
रूपा- थैंक यू जनाब.
अब में उससे डेली चाय बनवाता और थोड़ी बाते भी कर लिया करता.एक दिन मुझे बहार जाना था तो उससे अपनी शर्ट भी प्रेस करवाई. और उसकी तारीफ कर डाली. रिप को अपना बनाने के लिए उसके बारे में पूछने लग गया और बातो ही बातो में पता चला की उसका पति तो शराबी है. नशे में धुत होकर घर आता है और छोड़ने की बजाये सो जाता है.
में मन ही मन में बोलने लग गया की साला जिसको इतनी प्यारी चूत मिली उसको लोई परवाह नही और जिस के पास ऐसी चूत नही वो मुठ मार कर काम चला रहा है . धीरे धीरे हम बातो में करीब आ गए,तब मैंने उससे पुचा-क्या तुम्हारा पति पागल है ?जिसके पास इतनी खुबसूरत लड़की हो उससे शराब की क्या जरुरत है.
रूपा 22-23 साल की खूबसूरत शादी शुदा लड़की है. उसका रंग गोरा है वो दिखने में पठाका है. में उसको देख कर सोचता रहता था की इसका पति कितना किस्मत वाला है जिसे इतनी मस्त पटाखा लड़की मिली है, इसे तो वो डेली चोदता होगा और इधर मेरी जवानी उसको देखने पर मूठ मर लेती है.
उसका फिगर तो लाजवाब है और उसके बूब्स तो मानो दबाने वाली बॉल हो.वो सारी पेहेंती थी और उसके बूब्स उसके ब्लाउज में इ खिसक कर बाहर आ जाते थे वो अपने पालू से अपनी छाती को ढकती थी और उसके बूब्स उसके ब्लाउज में भी उछलते रहते, और झाड़ू मरते हुए जब वो निचे की और झुकती तो उसके बूब्स के बिच की दरार साफ़ दिखती थी.
एक बार मैंने उसको झाड़ू मरते वक़्त देखा तो मेरी नज़ारे उसके बूब्स पर जा रही गिरी और उसके बूब्स को उछालते हुए देखने लग गयी, तब मैंने देखा की उसने तो आज ब्रा भी नही डाली थी.
मेरा दिमाग उसके बूब्स देख कर ही नहीं बल्कि उसके मोटे गोल गोल चुतड देख कर भी ख़राब हो जाता. जब वो ठुमके मर मर कर चलती तो उसके चुतड हिलते हुए कहते हो की आओ मुझे दबाव,और जब वो सिल्क की सारी लगा कर अपने हाथ को चूत पर रख कर साड़ी को पकडती तो मेरा माँ करता की काश उसके हत्थ की जगह मेरा हाथ हो और मैं उसकी गरम चूत को छु पता.
ये सब देख कर मेरा लंड उसकी गरम चूत को फाड़ने के लिए तदप उठता. रूपा तो मेरी तरफ देखती भी नहीं थी और अपना काम करती थी और कमर लचका के चलती थी, उसको इस बात की खबर नही थी की मेरी नजर उसकी चूत पर है. उसको अपने करीब लेन के लिए उससे बाते करनी शुरू कर दी.
एक दिन मैंने उससे एक कप टिया बनाने को कहा और वो जब अपने कोमल कोमल हाथो से मुझे टिया पकड़ने ई तो मेरा हाथ उसके से लगते ही पागल हो गया और मेरे पुरे बदन में बिजली सी कांप उठी और मेरे लंड तो जैसे बहार आने को हो गया,
मैंने चाय पि तो मेरी जीब पे उसके हाथ की बनी चाय का सवाद चढ़ गया और कहा-तुम बहुत अची चाय बनाती हो
रूपा- थैंक यू जनाब.
अब में उससे डेली चाय बनवाता और थोड़ी बाते भी कर लिया करता.एक दिन मुझे बहार जाना था तो उससे अपनी शर्ट भी प्रेस करवाई. और उसकी तारीफ कर डाली. रिप को अपना बनाने के लिए उसके बारे में पूछने लग गया और बातो ही बातो में पता चला की उसका पति तो शराबी है. नशे में धुत होकर घर आता है और छोड़ने की बजाये सो जाता है.
में मन ही मन में बोलने लग गया की साला जिसको इतनी प्यारी चूत मिली उसको लोई परवाह नही और जिस के पास ऐसी चूत नही वो मुठ मार कर काम चला रहा है . धीरे धीरे हम बातो में करीब आ गए,तब मैंने उससे पुचा-क्या तुम्हारा पति पागल है ?जिसके पास इतनी खुबसूरत लड़की हो उससे शराब की क्या जरुरत है.

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